आरती श्री काली जी की – Aarti Shree Kali Ji Ki

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,

#AARTI

10/7/2024

आरती श्री काली जी की

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

तेरे भक्त जनो पर माता भीड़ पड़ी है भारी।

दानव दल पर टूट पडो माँ करके सिंह सवारी॥

सौ-सौ सिहों से बलशाली, है अष्ट भुजाओं वाली,

दुष्टों को तू ही ललकारती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

माँ-बेटे का है इस जग मे बडा ही निर्मल नाता।

पूत-कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता॥

सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली,

दुखियों के दुखडे निवारती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना।

हम तो मांगें तेरे मन में छोटा सा कोना॥

सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली,

सतियों के सत को सवांरती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

आदि शक्ति भगवती भवानी, हो जग की हितकारी,

जिसने याद किया आई मां, करके सिंह सवारी,

मैया करती कृपा किरपाली,

रखती जन की रखवाली,

दुष्टों को पल में माता मारती।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

भक्त तुम्हारे निशदिन मैया, तेरे ही गुण गावैं,

मनवांछित वर दे दे इनको, तुझसे ही ध्यान लगावैं।

मैया तू ही वर देने वाली,

जाय न कोई खाली,

दर पै तुम्हारे माता मांगते।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती॥

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

चरण शरण में खड़े तुम्हारी, ले पूजा की थाली।

वरद हस्त सर पर रख दो माँ संकट हरने वाली॥

माँ भर दो भक्ति रस प्याली, अष्ट भुजाओं वाली,

भक्तों के कारज तू ही सारती।।

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली,

तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।